हौज़ा न्यूज़ एजेंसी के अनुसार, ईरानी जनता राष्ट्रीय पुलिस फ़ोर्स के कमांडर ब्रिगेडयर जनरल सरदार अहमद रज़ा रादान ने हज़रत आयतुल्लाहिल उज़्मा जवादी आमोली के निवास स्थान पर उपस्थित होकर उनसे मुलाक़ात और बातचीत की।
हज़रत आयतुल्लाहिल उज़्मा जवादी आमोली शोहदा की बुलंदी ए दरजात की दुआ के साथ उन्हे शृाद्धांजली अर्पित करते हुए देश की सलामती की सुरक्षा मे फोर्सेज और इंतेज़ामिया के प्रयासो की कदरदानी की और दुशमनो के सामने बसीरत की महत्ता पर जोर देते हुए कहाः अमीरुल मोमेनीन (अ) एक युद्ध के अवसर पर फ़रमाते है केवल उस दुशमन को मत देखो जो तुम्हारे सामने खड़ा है बल्कि अपनी आंखे दुशमन के अंतिम केंद्र पर रखो, यह देखो कि दुशमन का थिंक टैक कहा है। बस हमे यह समझना होगा कि दुशमनो की योजना किस प्रकार और कहा बनाई जाती है। हमे मैदान से आगे बढ़कर अमल करना होगा और दुशमन के असल वार रूम को देखना होगा।
उन्होने ईरानी जनता की समझदारी और चेतना को व्यक्त करते हुए कहाः कि ईरानी जनता एक अज़ीम जनता है। ईरान एक गहरी जड़ो वाला, असील और सम्मानित देश है। अमेरिका जैसे देश के विपरीत ईरान ज्ञान, कला, संस्कृति और कल्चर से भरपूर है।
मरजा ए तक़लीद ने ज़ायोनिस्ट की इस्लाम दुशमनी के ओर इशारा करते हुए कहाः ज़ायोनिस्ट इस्लाम की दुशमन है और क़ुरआन करीम ने किसी राष्ट्र की तरह निंदा नही की जिस प्रकार यहूदीयो की की हैः अगरचे दूसरे दुशमन भी मौजूद है लेकिन इस्लाम के साथ दुशमनी मे ज़ायोनिस्ट सबसे ऊपर है और दुशमन को पहचानने हमेशा दिक़्क़त और चतुराई को ध्यान मे रखना ज़रूरी है।

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